अर्थराइटिस का दर्द इतना तेज होता है कि व्यक्ति को न केवल चलने–फिरने बल्कि घुटनों को मोड़ने में भी बहुत परेशानी होती है। घुटनों में दर्द होने के साथ–साथ दर्द के स्थान पर सूजन भी आ जाती है।

कभी–कभी दर्द के कारण बुखार भी हो जाता है और यहां तक कि जोड़ों का आकार भी टेढ़ा हो जाता है। कुछ लोग तो अस्पतालों के चक्कर काटकाट कर इतने थक जाते हैं कि वो इस बीमारी के साथ जीने को स्वीकार कर लेते हैं।

ठंड के मौसम में गठिया के मरीज़ों को अधिक परेशानी होती है इसलिए उन्हें ठंड से बचने का हर संभव प्रयास करना चाहिए। इस बीमारी में चिकित्सक आहार पर विशेष ध्यान देने की सलाह देते हैं क्योंकि

आप जो भी खाते हैं वो सीधा आपके स्वास्‍थ्‍य को प्रभावित करता है।

क्या आप जानते हैं कि अर्थराइटिस के दौरान कौन कौन से आहार खाने से बचना चाहिये? अगर आपको अर्थराइटिस है तो टमाटर, बैंगन, आलू और मिर्च आदि का सेवन ना करें नहीं तो दर्द बढ़ सकता है।

अर्थराइटिस में हमदर्द आहार एवं सुझाव

  • अपने आहार में 25 प्रतिशत फल व सब्जि़यों को शामिल करें और ध्यान रखें कि आपको कब्ज़ ना हो।
  • फलों में सन्तरे, मौसमी, केले, सेब, नाश्पाती, नारियल, तरबूज़ और खरबूज़ आपके लिए अच्छे हो सकते हैं।
  • सब्जि़यों में मूली, गाज़र, मेथी, खीरा, ककड़ी आपके आदि लें।
  • चोकरयुक्त आटे का प्रयोग करें क्योंकि इसमें फाइबर अधिक मात्रा में होता है ।
  • जूस, जिसमें बीटा-कैरोटीन और कॉपर आदि होते हैं वो एंटी इंफ्लेमेटरी तत्वों से भरे होते हैं। आपको अगर अर्थराइटिस है तो पाइनएप्पल का जूस नियमित रूप से पीना ना भूलें। इसके अलावा इपसोम सॉल्ट, से नहाना ना भूलें क्योंकि इसमें मैग्नीशियम सल्फेट होता है, जिससे शरीर के दर्द में काफी आराम मिलता है।
  • हम कुछ ऐसे फूड्स के बारे में भी बात करते हैं जिनके सेवन से घुटनों में दर्द हो सकता है, सोड़ा, न सिर्फ दिल और डायबटीज रोगियों के लिए खतरनाक होता है बल्कि इसके अधिक सेवन से जोड़ों में भी दर्द होने लगता है, वैसे तो टमाटर स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत अच्‍छा होता लेकिन अगर जोड़ों में दर्द की समस्‍या है तो यह नुकसान पहुँचाता है।
  • लहसुन के रस को कपूर में मिलाकर मालिश करने से भी दर्द से राहत मिलती है।
  • दिनभर में छोटी मात्रा में विटामिन सी की 500 मिलीग्राम की कुल खुराक आवश्यक है, जो कि गठिया के दर्द में लाभदायक होगी।