छाछ पीने के बेहतरीन फायदे

छाछ पीने के बेहतरीन फायदे

छाछ की तासीर बेहद ठंडी होती है। इसमें काला नामक और जीरा पाउडर मिलाकर सेवन करने से गर्मियों में लू से बचाव होता है।  लेकिन गर्मियों में छाछ पीना बाकि सारे विकल्पों से कहीं अधिक बेहतर है। इसे गर्मियों के लिए सबसे बेहतर पेय माना जाता है। छाछ सिर्फ गर्मियों से राहत नहीं देती बल्कि यह औषधि के रूप में भी काम आती है। यदि दिन में दो बार छाछ पी जाये तो सेहत अच्छी रहती है।

  • छाछ की तासीर बेहद ठंडी होती है। इसमें काला नामक और जीरा पाउडर मिलाकर सेवन करने से गर्मियों में लू से बचाव होता है।

 

  • छाछ पीने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है, इससे शरीर की पाचन क्रिया बेहतर रहती है, ज्यादा मसालेदार खाना खाने से पेट में जलन होती है, लेकिन छाछ पीने से यह जलन ख़त्म हो जाती है।

 

  • दांत निकलना : गर्मी में बच्चे को दांत निकालते समय दिन में 2 से 3 बार छाछ पिलायें। इससे दांत निकलते समय बच्चों को दर्द नहीं होता है।

 

  • जिनका पाचन तंत्र मजबूत नहीं है, या जिसकी पाचन प्रक्रिया अच्छी नहीं है उन्हें दूध की जगह छाछ का प्रयोग करना चाहिए। माना जाता है कि छाछ प्रोबायोटिक आहार होता है। जिसमे सूक्ष्मजीव होते हैं, जो हमारी आंतों को सक्रिय रखते हैं। इनकी सहायता से पाचन में सुधार भी आता है ।

 

  • छाछ में विटामिन सी, ए, ई और बी पाये जाते हैं जो कि शरीर के पोषण की जरूरत को पूरा करता है। यह स्वस्थ्य पोषक तत्वों जैसे लोहा, जस्ता फोस्फोरस और पोटेशियम से भरी होती है।

 

  • छाछ पीने से कब्ज, दस्त, पेचिश, खुजली, चौथे दिन आने वाला मलेरिया बुखार, तिल्ली (प्लीहा), जलोदर (पेट में पानी भरना), रक्तचाप की कमी या अधिकता दमा, गठिया, अर्धांगवात, गर्भाशय के रोग, मलेरियाजनित जिगर के रोग और मूत्राशय की पथरी में लाभ होता है।

 

  • छाछ में प्रोबायोटिक बैक्टीरिया होते हैं जिससे डाइजेशन अच्छा रहता है। इसके अलावा भी इसमें ऐसे कई न्यूट्रिएंट्स होते हैं जो बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं।

 

  • मोटापा : छाछ पीने से मोटापा कम हो जाता है। छाछ में काला नमक और अजवाइन मिलाकर पीने से मोटापा कम होता है।

 

  • छाछ में लैक्टिक एसिड पाए जाते है, जो त्वचा के लिए बेहद उपयोगी है. इसलिए कई महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट में भी लैक्टिक एसिड की जरूरी मात्रा मिलाई जाती है। डेड स्किन को हटाने, त्वचा को निखारने और नरम बनाने के लिए भी कई बार डॉक्टर इसका इस्तेमाल फेशियल पील्स के तौर पर करते हैं।

 

  • छाछ या मट्ठा शरीर से विजातीय तत्वों को बाहर निकाल कर नव-जीवन प्रदान करता है, छाछ पीने से जो रोग नष्ट होते हैं वे जीवनभर पुन: नहीं होते।