खाने में कम करें चीनी की मात्रा

खाने में कम करें चीनी की मात्रा

आपने सुना ही होगा कि चीनी का सेवन करने से दांत खराब हो जाते हैं। जब भी कभी हमारा मीठा या चीनी खाने का मन होता है तब हम चाय, कॉफी या केक के फॉम में अपनी शुगर क्रेविंग्स को खत्म कर लेते हैं। क्या आपको इस बारे में पता है कि चीनी का अधिक सेवन करने से आपके अंदर एजिंग की प्रक्रिया काफी तेज हो जाती है। इसके साथ ही चीनी सूजन घबराहट, डिप्रेशन जैसी बीमारियों को बढ़ावा देती है।

चीनी की मिठास का कोई जवाब नहीं। आम लोग चीनी के बिना शायद अपनी जिंदगी की कल्‍पना भी न कर पाएं। लेकिन सेहत पर इसके दुष्‍प्रभावों को देखते हुए एक प्रमुख डच स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञ ने इसे ‘हमारे समय का सबसे खतरनाक नशा’ करार दिया है। डब्लूएचओ का कहना है कि लोगों को खाने में शुगर की मात्रा कुल कैलोरी के दस प्रतिशत से कम रखना चाहिए और इसे भविष्य में 5 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य निर्धारित कर लेना चाहिए। शुगर के सीमित उपभोग की इस सलाह में भोजन में शामिल सभी तरह के मीठे के लिए लिए है, इसमें शहद, फलों के जूस और फलों को भी शामिल किया गया है। आइये विस्तार से चीनी खाने के नुकसान के बारे में जानकारी प्राप्त करें –

शुगर आपके दिल के लिए बुरा है: शुगर से उच्च रक्तचाप की समस्या बढ़ती है। एक शोध के मुताबिक चीनी से प्राप्त 25 कैलोरी आपके शरीर में हार्ट अटैक की संभावनाएं 3 गुनी बढ़ा देती है।

शक्कर व मधुमेह: शक्कर (Shakkar/sugar)रक्तगत शर्करा (ईश्रीविर्सरी) को अतिशीघ्रता से बढाती हैं | इसे सात्म्य करने के लिए अग्नाशय की कोशिकाएँ इन्सुलिन छोड़ती हैं | इन्सुलिन का सतत बढ़ती हुई माँग की पूर्ति करने से ये कोशिकाएँ निढाल हो जाती है | इससे इन्सुलिन का निर्माण कम होकर मधुमेह (डायबिटीज)होता है |

मोटापा (Obesity): जिन खाने की चीज़ो में शक्कर होती है वह फैट्स(वसा) और कैलोरीज से भी भरपूर होते है। इससे वज़न बढ़ने की सम्भावना रहती है। तथा मोटापा हो सकता है। शक्कर मोटापा और वज़न के बढ़ने से जुडी हुई है।

डिप्रेशन और घबराहट: चीनी खाने के नुकसान में सबसे बड़ा नुकसान घबराहट और डिप्रेशन की समस्या का होना कहते है। चीनी बीडीएनएफ हार्मोन लेवल को कम करती है जो हमारे शरीर में डिप्रेशन के कारण बनता है। इसके साथ ही चीनी का अधिक मात्रा में सेवन करने से आपके दिमाग के सेल्स और मेमोरी को भी बहुत नुकसान हो सकता है।

दांतों की समस्याएं: अतिरिक्त चीनी में अत्यधिक केलोरीज़ होती हैं, और आवश्यक पोषक नहीं होते हैं| इस वजह से उन्हें “रिक्त” केलोरीज़ कहते हैं| चीनी में कोई प्रोटीन, आवश्यक चर्बी, विटेमिंस या खनिज नहीं होते हैं …. मात्र शुद्ध ऊर्जा होती है| जब लोग चीनी के रूप में 10-20% केलोरीज की खपत कर लेते हैं, तब वह एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन जाती है और इस वजह से पोषण की कमी में योगदान मिलता है| दांतों के लिए चीनी बहुत खराब होती हैं, क्योंकि यह खराब बैक्टेरिया को आसानी से पचने वाली ऊर्जा मुंह में उपलब्ध कराती है|

सूजन की समस्या: चीनी का सेवन करने से शरीर में सूजन को भी बढ़ावा मिलता है। इसके अलावा चीनी से गठिया जैसी बीमारियाँ शरीर में तैयार हो जाती हैं। जब कभी भी हमें जुकान आता है तब अक्सर हमारा गला खराब हो जाता है तब हम चीनी का सेवन कर लेते हैं या फिर मीठी चाय पी लेते हैं। तब चीनी सूजन को बढाते हुए गले में बैक्टीरिया पैदा करती है जो की हमारे शरीर के लिए खराब हो सकता है।

मुंहासे और एजिंग की समस्या: चीनी का अधिक सेवन करने से कई बार स्किन पर मुंहासे और एजिंग की समस्या होने लगती है।

शक्कर के अन्य खतरे: चीनी की अधिकता से शरीर में विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स की कमी होने लगती हैं | इससे पाचन व स्नायु संबंधी रोग उत्पन्न होते हैं | चीनी रक्त की अम्लीयता को बढाकर आधासीसी व त्वचाविकार उत्पन्न करती हैं | इससे वीर्य में पतलापन आता हैं | आहार में चीनी जितनी अधिक, उतना ही मोटापे का भय ज्यादा |

कैंसर: कैंसर जैसी गंभीर समस्या बहुत से लोगों की जान ले रही है| वैज्ञानिक के अनुसार, चीनी का इस्तेमाल करने से शरीर में इंसुलिन बढ़ता है जिससे कैंसर की समस्या उतपन्न हो सकती है| रिसर्च के मुताबिक, ज्यादा मात्रा में चीनी का सेवन करने से कैंसर की संभावना बढ़ जाती है|

चीनी से होने वाली अन्य समस्या :

  • चीनी की मिठास को आधुनिक चिकित्सा मेँ सूक्रोज़ कहते हैँ जो इंसान और जानवर दोनो पचा नहीँ पाते ।
  • चीनी बनाने की प्रक्रिया मेँ 23 हानिकारक रसायनोँ का प्रयोग किया जाता है ।
  • चीनी की अधिक मात्रा लेने से शरीर का वजन और भूख नियंत्रित करने वाला सिस्टम ख़राब हो सकता है जो वजन बढ़ने का कारण बनता है।
  • शक्कर कितनी मात्रा में लें

चीनी की दिन भर में ली जाने वाली कुल मात्रा इससे अधिक नहीं होनी चाहिए

  • पुरुष :    37 .5 ग्राम या 9 छोटे चम्मच शक्कर।
  • महिला :   25 ग्राम या 6 छोटे चम्मच शक्कर।