चर्म रोग व उपचार

चर्म रोग व उपचार

चर्म रोग व उपचार आज के युवक में चर्म रोग एक विकराल समस्या है। चर्म रोग एक विशेषज्ञों के यहाँ रोगियों की लम्बी कतारे लगी रहती है। चर्म रोग के मुख्य कारणों में सफाई का ध्यान न रखना, विरुद्ध आहार सेवन व रक्तदोष है। चर्म रोग में खुजली, दाद, खाज (एक्जिमा), फुलबहरी, व कोढ़ अदि

पीपली

पीपली

पीपली की खेती इसके फलों (स्पाइक्स) तथा जड़ों (मूल) की प्राप्ति के लिए की जाती है। प्राय: इसकी खेती तीन से पांच के उपरांत पिपली के पौधे पर फल आना प्रारम्भ हो जाते है जो की प्रतिवर्ष आते है। पांच वर्ष तक स्पाइक्स के रूप में पिपली की फसल लेने के उपरांत इसके पौधे को

YOGA

YOGA

Yoga Means Addition, Addition Of Energy, Strength And Beauty To Body, Mind And Soul…!!! Meditation Is The Sissolution Of Thought In Enternal Awareness Or Pure Consciousness Without Objectification, Knowing Without Thinking, Merging Finitude In Infinity!!   Yoga is boon to every woman who has desire for well-shaped body. With the help of yoga she can

कलोंजी

कलोंजी

कलोंजी हर मर्ज़ की रामबाण दवा कलोंजी जिसे लोग मंगरैल तथा कला जीरा के नाम से भी जानते है, अति प्रसिद्ध वनस्पति हैं। इसका उपयोग ओषधि, सौंदर्य प्रसाधन , मसाले तथा खुशबु के लिए पकवाने में किया जाता है। सदियों से कलोंजी का प्रयोग अनेक रोगो के निवारण के लिए भी किया जाता हैं। कलौंजी

हर्बल की लाभकारी खेती बच

हर्बल की लाभकारी खेती बच

बच एरेसी (Araceae) कुल का एक पौधा है जिसका वानस्पतिक नाम ‘एकोरस केलमस’ है।  संस्कृत में इसका नाम बच बोलना, शदग्रंथा- छ: गाठों वाला, उग्रगंधा, तीखी वैखंड  है।  इसका तना (राइजोम) बहुशाखित व भूमिगत होता है. पत्तिया रेखाकार से भालाकार, नुकीली मोटी, मध्य शिरा युक्त होती है. पुष्पक्रम ४.८ से.मी का स्पेडिक्स होता है। इसके

स्नान-

स्नान-

एक सामान्य सा काम जिसे सारा विश्व अपनी दिनचर्या में शामिल करता हैं और स्वास्थ्य रक्षण की एक आवश्यक बात मानता है। हमारे प्राचीन आचर्यों ने इसके महत्व को हर आदमी को समझाने के लिए इसे धार्मिक संस्कारों के साथ जोड़ दिया और कुछ इस तरह से बताया ताकि आम आदमी इससे सदैव लाभान्वित होता

प्राण है -“वायु”

प्राण है -“वायु”

वायु को भगवन कहा गया है क्योंकि वायु गति प्रदान करता है। ह्रदय में प्राणवायु , गुदा प्रदेश में अपानवायु , नभमंडल में समानवायु , कंठ में उदानवायु , एवं समस्त शरीर में व्यनवनवायु – इस प्रकार इन पांच प्रकार के वायु का साम्राज्य हमारे शरीर में है। आचर्यों ने वायु के महत्व को प्रतिपादित

गुल्मवायु (हिस्टीरिया)

गुल्मवायु (हिस्टीरिया)

कारण व चिकित्सा सामान्य परिचय :- गुल्मवायु स्वयं कोई रोग नहीं है , बल्कि यह दूसरे रोगों का उपसर्ग स्वरूप एक रोग लक्षण है जिसमे स्नायुतंत्र प्रभावित होते हैं और स्वतंत्र रोग सदृश्य प्रकट होते है। मृगी (मिर्गी ) सदृश्य लक्षण (दौरे) स्त्रियों मेँ पड़ता हुआ देखा जाता है। भ्रम :- आम धारणा है कि

Skin Cancer

Skin Cancer

The skin is the largest organ in the body. Skin cancer is the most common of all human cancers. The abnormal growth of skin cells — most often develops on skin exposed to the sun. But this common form of cancer can also occur on areas of your skin not ordinarily exposed to sunlight. There

Vitamin A

Vitamin A

What Is Vitamin A? Vitamin A is a fat-soluble vitamin that has immune-enhancing, antioxidant properties, meaning it helps reduce free radical damage (and oxidative stress). It helps in increasing the body’s immunity to fight infections and keeps your eyes and skin moist. Vitamin A is absolutely crucial to maintaining overall health. Not only does it