पीपली

पीपली की खेती इसके फलों (स्पाइक्स) तथा जड़ों (मूल) की प्राप्ति के लिए की जाती है। प्राय: इसकी खेती तीन से पांच के उपरांत पिपली के पौधे पर फल आना प्रारम्भ हो जाते है जो की प्रतिवर्ष आते है। पांच वर्ष तक स्पाइक्स के रूप में पिपली की फसल...
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कलोंजी

कलोंजी हर मर्ज़ की रामबाण दवा कलोंजी जिसे लोग मंगरैल तथा कला जीरा के नाम से भी जानते है, अति प्रसिद्ध वनस्पति हैं। इसका उपयोग ओषधि, सौंदर्य प्रसाधन , मसाले तथा खुशबु के लिए पकवाने में किया जाता है। सदियों से कलोंजी का प्रयोग अनेक रोगो के निवारण के...
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हर्बल की लाभकारी खेती बच

बच एरेसी (Araceae) कुल का एक पौधा है जिसका वानस्पतिक नाम ‘एकोरस केलमस’ है।  संस्कृत में इसका नाम बच बोलना, शदग्रंथा- छ: गाठों वाला, उग्रगंधा, तीखी वैखंड  है।  इसका तना (राइजोम) बहुशाखित व भूमिगत होता है. पत्तिया रेखाकार से भालाकार, नुकीली मोटी, मध्य शिरा युक्त होती है. पुष्पक्रम ४.८...
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